वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में सोमवार को हजारों छात्र-छात्राओं ने सोनम वांगचुक के समर्थन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विशाल “छात्र न्याय मार्च” निकाला। विश्वनाथ मंदिर से महिला महाविद्यालय तक निकले इस मार्च में लगभग 3000 से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
मार्च के दौरान छात्रों और विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की देखने को मिली। भीड़ अधिक होने के कारण कुछ छात्र-छात्राएं गिर भी गए, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई।
विश्वनाथ मंदिर से महिला महाविद्यालय तक निकला मार्च
छात्र बड़ी संख्या में पोस्टर, तख्तियां और बैनर लेकर विश्वनाथ मंदिर परिसर में एकत्र हुए। इसके बाद “छात्र न्याय मार्च” महिला महाविद्यालय की ओर बढ़ा।
मार्च के दौरान छात्रों ने परिसर में “सोनम वांगचुक के समर्थन”, “शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो” और “शिक्षा व्यवस्था में सुधार करो” जैसे नारे लगाए। कई छात्र परिसर की दीवारों और खड़े वाहनों पर चढ़कर भी अपनी आवाज बुलंद करते दिखाई दिए।
BHU Protest
सुरक्षाकर्मियों और छात्रों के बीच हुई धक्का-मुक्की
मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मी तैनात थे। जब छात्रों की भीड़ आगे बढ़ी तो कई स्थानों पर सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भीड़ के दबाव के कारण कुछ छात्र-छात्राएं नीचे गिर गए और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि किसी गंभीर चोट की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पहले से दी गई थी प्रशासन को सूचना
आंदोलन का आयोजन करने वाले छात्र नेताओं का कहना है कि उन्होंने मार्च की सूचना पहले ही पुलिस और प्रशासन को दे दी थी। लेकिन प्रशासन को इतनी बड़ी संख्या में छात्रों के पहुंचने की उम्मीद नहीं थी, जिसके कारण कुछ समय के लिए व्यवस्था प्रभावित हुई।
क्या थीं छात्रों की प्रमुख मांगें?
मार्च में शामिल छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दों को उठाया। उनकी प्रमुख मांगें थीं—
शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
भर्ती एवं परीक्षा प्रणाली को निष्पक्ष बनाया जाए।
युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए व्यापक सुधार किए जाएं।
शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय की जाए।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें।
छात्र नेता रंजीत यादव ने कहा कि देश का छात्र अपने भविष्य की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग कर रहा है।
उन्होंने कहा,
जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक हमारा आंदोलन लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि देश के युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
देशभर में चल रहे हैं प्रदर्शन
हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों में सोनम वांगचुक के समर्थन और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा प्रदर्शन किए जा रहे हैं। BHU का यह मार्च भी उसी क्रम का हिस्सा माना जा रहा है, जहां छात्रों ने शिक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता की मांग को प्रमुखता से उठाया।
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BHU परिसर में सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी
मार्च को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। कई स्थानों पर सुरक्षाकर्मी तैनात रहे ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। प्रदर्शन के बाद स्थिति सामान्य हो गई और परिसर में शांति बनी रही।
निष्कर्ष
BHU में निकला यह छात्र न्याय मार्च शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और जवाबदेही जैसे मुद्दों को लेकर छात्रों की चिंताओं को सामने लाता है। बड़ी संख्या में छात्रों की भागीदारी इस बात का संकेत है कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर युवाओं की आवाज लगातार मुखर होती जा रही है। अब सभी की नजर प्रशासन और सरकार की आगामी प्रतिक्रिया पर रहेगी।