वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) और IIT-BHU परिसर को जैव विविधता परिसर का दर्जा दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। विश्वविद्यालय की हॉर्टिकल्चर यूनिट की ओर से पक्षी और वन्यजीव सर्वेक्षण शुरू किया गया है। करीब एक साल तक चलने वाले इस सर्वेक्षण में परिसर में पाए जाने वाले पक्षी, सरीसृप, उभयचर और स्तनधारी जीवों की जानकारी जुटाकर उनका दस्तावेज तैयार किया जाएगा।

30 सितंबर 2027 तक चलेगा सर्वेक्षण
यह सर्वेक्षण 30 सितंबर 2027 तक चलेगा। इसके तहत BHU के लगभग 1300 एकड़ परिसर में दिखाई देने वाले वन्यजीवों की तस्वीरें और उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां एकत्र की जाएंगी। सर्वे में जीवों के वैज्ञानिक नाम, सामान्य नाम, आवास और परिसर में उनके वितरण जैसी जानकारी को रिकॉर्ड किया जाएगा।
सर्वेक्षण का उद्देश्य BHU परिसर में मौजूद पक्षियों और अन्य वन्यजीवों की विविधता के साथ-साथ उनके वितरण का व्यवस्थित दस्तावेज तैयार करना है।
Google Map पर भी दर्ज होगा वन्यजीवों का स्थान
सर्वेक्षण में शामिल प्रतिभागियों को प्रत्येक वन्यजीव की अलग-अलग प्रविष्टि करनी होगी। इसके लिए जीव का सामान्य नाम, वैज्ञानिक नाम, तस्वीर लेने की तारीख और समय, स्थान तथा Google Map पर उस स्थान का स्क्रीनशॉट उपलब्ध कराना होगा।
इससे भविष्य में यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि BHU परिसर में कौन-कौन से वन्यजीव किस क्षेत्र में पाए जाते हैं।
BHU समुदाय के लोग भी ले सकते हैं हिस्सा
इस सर्वेक्षण में BHU के विद्यार्थी, शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी, परिसर में रहने वाले लोग और विश्वविद्यालय समुदाय के अन्य सदस्य भी भाग ले सकते हैं। हॉर्टिकल्चर यूनिट की ओर से इसके लिए Google Form जारी किया गया है, जिसके माध्यम से प्रतिभागी वन्यजीवों की तस्वीरें और संबंधित जानकारी जमा कर सकते हैं।
चयनित तस्वीरों के फोटोग्राफर का नाम प्रस्तावित ‘BHU Biodiversity Book’ में शामिल किया जाएगा।
सर्वश्रेष्ठ तस्वीरों पर मिलेगा नकद पुरस्कार
मान्य प्रविष्टियों और चयनित तस्वीरों के लिए प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न श्रेणियों में चुनी गई सर्वश्रेष्ठ तस्वीरों के लिए नकद पुरस्कार देने का भी प्रावधान है। चयनित तस्वीरों को फोटोग्राफर के नाम के साथ प्रस्तावित BHU Biodiversity Book में प्रकाशित किया जाएगा।
केवल परिसर में खींची गई मूल तस्वीरें ही होंगी स्वीकार
हॉर्टिकल्चर यूनिट ने प्रतिभागियों के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए हैं। सर्वेक्षण में केवल स्पष्ट और मूल तस्वीरें ही अपलोड की जानी चाहिए। तस्वीर प्रतिभागी द्वारा स्वयं BHU परिसर में खींची गई होनी चाहिए।
AI से बनाई गई, इंटरनेट, सोशल मीडिया, किताब या किसी अन्य स्रोत से प्राप्त तस्वीरें स्वीकार नहीं की जाएंगी।
वन्यजीवों को परेशान न करने की अपील
सर्वेक्षण के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है। प्रतिभागियों से कहा गया है कि तस्वीर लेने के लिए किसी जीव को पकड़ें नहीं, खिलाएं नहीं, उसका पीछा न करें और किसी भी तरह से परेशान न करें।
इस पहल के माध्यम से BHU परिसर में मौजूद जैव विविधता का वैज्ञानिक रिकॉर्ड तैयार होने की उम्मीद है, जो भविष्य में परिसर के संरक्षण और जैव विविधता प्रबंधन के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है।
