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बीएचयू में तकनीक, पारदर्शिता और आधुनिक व्यवस्था की नई शुरुआत, क्या बदलने वाला है विश्वविद्यालय?

बीएचयू केवल एक विश्वविद्यालय नहीं, बल्कि देश की उच्च शिक्षा और शोध परंपरा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में जब विश्वविद्यालय की कमान किसी नए नेतृत्व के हाथों में आती है, तो छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों और पूर्व छात्रों की निगाहें स्वाभाविक रूप से भविष्य की योजनाओं पर टिक जाती हैं।

BHU Latest News by BHU Wale
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हाल ही में बीएचयू के कार्यवाहक कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने एक साक्षात्कार में विश्वविद्यालय और सर सुंदरलाल चिकित्सालय से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं और सुधारों की जानकारी साझा की। उनके अनुसार, आने वाले समय में तकनीक के व्यापक उपयोग, प्रशासनिक पारदर्शिता, छात्र सुविधाओं, शोध की गुणवत्ता और अस्पताल सेवाओं में सुधार पर विशेष जोर दिया जाएगा।

आइए विस्तार से जानते हैं कि बीएचयू में किन क्षेत्रों में बदलाव की तैयारी चल रही है और इसका छात्रों व विश्वविद्यालय समुदाय पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।

Table of Contents

बीएचयू में 10 महीनों का कार्यकाल और प्रमुख उपलब्धियां

प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि उन्होंने कार्यवाहक कुलपति के रूप में लगभग 10 महीने का कार्यकाल पूरा कर लिया है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाए गए हैं।

इनमें प्रमुख हैं:

  • बीएचयू की अकादमिक परिषद (Academic Council) का गठन।
  • स्थायी कुलसचिव (Registrar) की नियुक्ति।
  • स्थायी परीक्षा नियंत्रक (Controller of Examinations) की नियुक्ति।
  • स्थायी वित्त अधिकारी (Finance Officer) की नियुक्ति।
  • तकनीक आधारित प्रशासनिक व्यवस्था को बढ़ावा।

इन नियुक्तियों को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

साक्षात्कार: बीएचयू के कार्यवाहक कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी से विशेष बातचीत

प्रश्न 1: कुलपति के रूप में करीब 10 माह पूरे हो चुके हैं। इस अवधि में निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप आप स्वयं को कहां तक पाते हैं?

प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी:
प्रायः कहा जाता है कि जिंदगी भी एक हेल्थकेयर है, उनके बीच संवाद बढ़े। संवाद से बहुत सी समस्याओं का हल हो जाता है, आपसी टकराव कम होती है और आलोचनाएं कम होती हैं। इसके लिए सभी की जवाबदेही तय करने की ई-मेल व्यवस्था करायी गई है। सभी को ई-मेल भी उपलब्ध कराया गया है। ई-मेल भी बड़ी अच्छी सूचना तंत्र से सुधार आया है।

पीएचडी में प्रवेश बिना किसी विवाद के पूर्णतः ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा की तैयारी हो रही है। वर्ष में दो बार पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।

प्रश्न 2: छात्रों की सुरक्षा के लिए मोबाइल में रेड बटन प्रणाली और अटेंडेंस प्रणाली लागू की गई है। इसके अलावा और क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी:
छात्रों की सुरक्षा के लिए उनके मोबाइल में रेड बटन प्रणाली दी गई है। अटेंडेंस प्रणाली लागू की गई है, जिससे छात्र स्वयं सुविधाओं, शैक्षणिक व्यवस्था और गुरुजनों का मूल्यांकन कर सकेंगे।

प्रशासन भी भीड़ कम करने के लिए तकनीकी व्यवस्था पर काम कर रहा है। अब मोबाइल से प्रवेश कर सकेंगे। नगर निगम से एमओयू कर इम्पैक्ट वाले क्षेत्रों में विकास कार्य किए जा रहे हैं। विभागीय बैठकों में शोध व शिक्षण के स्तर पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है।

प्रश्न 3: आगामी सत्र में छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए क्या योजनाएं हैं?

प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी:
आगामी सत्र से नया पाठ्यक्रम एनईपी के तहत लागू कराया जाएगा। छात्रों पर ध्यान देंगे। मेस प्रणाली को व्यवस्थित करना है। प्रयास है कि छोटे-छोटे मेस बंद करके चार-पांच मेस मिलाकर किसी बड़े वेंडर से संचालित किया जाए। इससे भोजन की गुणवत्ता पर दृष्टि रखना आसान होगा।

जल्द ही ईपीएबीएक्स से भी समस्याओं को सुलझाया जाएगा।

प्रश्न 4: विश्वविद्यालय में शिक्षकों व एसोसिएट प्रोफेसरों की भर्ती के लिए लंबी प्रक्रिया चल रही है। रिक्त पदों को भरने के लिए क्या पहल करेंगे?

प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी:
नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। विश्वविद्यालय स्तर पर लंबित मामले पूर्ण हो चुके हैं। कर्मचारियों के लिए सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आया है। विश्वविद्यालय स्तर पर समीक्षा कर रहे हैं। दूसरी बार सरकार से मिलकर इस पर कोई निर्णय लिया जाएगा।

नान टीचिंग पदों की रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। स्कूल स्तर से लेकर विश्वविद्यालय व चिकित्सा विज्ञान संस्थान तक टीचिंग व नान टीचिंग, नर्सिंग सभी रिक्तियां भरी जाएंगी।

प्रश्न 5: अभी भी कई प्रोफेसरों के शोध में एआई टूल्स के प्रयोग और जर्नल्स की ढिलाई सामने आ रही है। शोध गुणवत्ता सुधारने के लिए क्या पहल करेंगे?

प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी:
ऐसे एक भी घटना विश्वविद्यालय की गरिमा के विरुद्ध है। हमने इसकी गंभीरता से जांच कराई है। एक बार सारे तथ्य सामने आ जाएं, फिर कार्रवाई होगी।

उच्च स्तरीय लैब, उपकरणों, अनुदान की व्यवस्था की जा रही है। बड़ा शोध प्रोजेक्ट लाने वालों के लिए प्रयोगशालाओं के सुदृढ़ीकरण और अत्याधुनिक उपकरणों की खरीद हो रही है। एक योजना और लाने जा रहे हैं, जिसके माध्यम से दुनिया के सबसे अच्छे शिक्षक, विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, दार्शनिक, बौद्धिक व उद्योग विशेषज्ञ यहां आएंगे और अपना योगदान देंगे।

प्रश्न 6: सर सुंदरलाल चिकित्सालय में पार्किंग व्यवस्था नहीं है। लोग परेशान होते हैं।

प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी:
मल्टी लेवल पार्किंग का नक्शा और डिजाइन तैयार है। लगभग 100 करोड़ रुपये की परियोजना है। वित्तीय मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

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BHU Sar Sundar Lal Hospital

प्रश्न 7: अस्पताल में जांच व बिलिंग के लिए लंबी लाइन लगती है। इसे कैसे बेहतर किया जाएगा?

प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी:
अस्पताल की व्यवस्था सुधारने के लिए यहां का प्रबंधन कसा है। यहां स्वास्थ्य सूचना प्रणाली (एचआईएस) को मजबूत कर आधुनिक तकनीकों का व्यापक रूप से उपयोग किया जाएगा। ओटी पैकेज पर भी विचार करेंगे।

प्रमुख बिंदु एक नजर में

विषयमुख्य जानकारी
कार्यकाल10 महीने
प्रशासनिक सुधारअकादमिक परिषद का गठन
नियुक्तियांकुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक, वित्त अधिकारी
छात्र सुरक्षारेड बटन और अटेंडेंस प्रणाली
प्रवेश प्रक्रियापीजी परीक्षा वर्ष में दो बार कराने की तैयारी
भर्तीशिक्षकों के रिक्त पद भरने की प्रक्रिया
मेस सुधारगुणवत्ता सुधार पर जोर
अस्पतालआधुनिक तकनीक और AI का उपयोग
पार्किंग100 करोड़ की मल्टी-लेवल पार्किंग योजना

निष्कर्ष

बीएचयू के कार्यवाहक कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी द्वारा साझा की गई योजनाएं यह संकेत देती हैं कि विश्वविद्यालय प्रशासन आने वाले समय में तकनीक, पारदर्शिता, छात्र सुरक्षा, शोध गुणवत्ता और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देने जा रहा है।

ई-मेल आधारित प्रशासन, डिजिटल प्रवेश व्यवस्था, भर्ती प्रक्रिया में तेजी, छात्रावास सुधार, अस्पतालों में आधुनिक तकनीक और मल्टी-लेवल पार्किंग जैसी पहलें विश्वविद्यालय के भविष्य की दिशा तय कर सकती हैं। हालांकि इनमें से कई योजनाएं अभी प्रक्रिया में हैं, लेकिन उनका उद्देश्य स्पष्ट है—बीएचयू को अधिक आधुनिक, व्यवस्थित और तकनीक-सक्षम संस्थान बनाना।


क्या आप इन प्रस्तावित बदलावों को बीएचयू के लिए सकारात्मक मानते हैं?

अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए। साथ ही बीएचयू से जुड़ी ताजा खबरों, प्रवेश अपडेट्स और छात्र हित की जानकारियों के लिए BHU Wale को फॉलो करना न भूलें।

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