Banaras Hindu University (BHU) के यूनिवर्सिटी माउंटेनियरिंग सेंटर की 14 सदस्यीय टीम हिमाचल प्रदेश स्थित प्रसिद्ध फ्रेंडशिप पीक (Friendship Peak) अभियान के लिए रवाना हो गई है। इस अभियान को BHU के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। टीम का लक्ष्य 17,352 फीट ऊंची फ्रेंडशिप पीक पर सफलतापूर्वक आरोहण करना है।

कुलपति ने छात्रों का बढ़ाया उत्साह
अभियान के शुभारंभ अवसर पर कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने टीम के सदस्यों से बातचीत की और उनके प्रशिक्षण तथा अब तक के अनुभवों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अभियान की तैयारियों पर चर्चा करते हुए छात्रों को पूरी लगन, अनुशासन और समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कुलपति ने कहा कि पर्वतारोहण केवल शारीरिक क्षमता का ही नहीं बल्कि मानसिक दृढ़ता, टीमवर्क और साहस का भी परीक्षण होता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को अभियान की सफलता एवं सुरक्षित वापसी के लिए शुभकामनाएं दीं।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर डीन ऑफ स्टूडेंट्स प्रो. आर.के. सिंह, संयुक्त कुलसचिव (वित्त) डॉ. संजय कुमार सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने टीम के सदस्यों को सफल अभियान के लिए शुभकामनाएं दीं।

फ्रेंडशिप पीक कहां स्थित है?
माउंटेनियरिंग सेंटर के प्रोफेसर-इंचार्ज प्रो. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि यह अभियान प्रशिक्षक बलराम यादव और शिवनारायण यादव के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है।
फ्रेंडशिप पीक हिमाचल प्रदेश की पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला में स्थित है। यह पर्वतारोहियों के बीच एक लोकप्रिय शिखर माना जाता है। अभियान की शुरुआत मनाली से होगी, जो भारतीय पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। मनाली का संबंध महर्षि मनु और हिडिंबा से भी जोड़ा जाता है।
ऐसा रहेगा पूरा अभियान मार्ग
फ्रेंडशिप पीक तक पहुंचने के लिए टीम को कई महत्वपूर्ण पड़ावों से होकर गुजरना होगा। अभियान का निर्धारित मार्ग इस प्रकार है:
- मनाली
- सोलंग
- धुंडी
- बकरथाच
- ब्यास कुंड
- लेडी लेग
- एडवांस बेस कैंप
- फ्रेंडशिप पीक
सबसे पहले टीम ब्यास कुंड पहुंचेगी, जिसे ब्यास नदी का उद्गम स्थल माना जाता है। यह स्थान समुद्र तल से लगभग 12,772 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।
इसके बाद टीम लगभग 15,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित लेडी लेग में दूसरा कैंप स्थापित करेगी। आगे लगभग 14,900 फीट की ऊंचाई पर एडवांस बेस कैंप (ABC) बनाया जाएगा।
बर्फ और हिम तकनीकों का होगा अभ्यास
एडवांस बेस कैंप में टीम के सदस्य स्नोक्राफ्ट (Snowcraft) और आइसक्राफ्ट (Icecraft) का विशेष प्रशिक्षण एवं अभ्यास करेंगे। ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में सुरक्षित पर्वतारोहण के लिए इन तकनीकों का ज्ञान बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद टीम अंतिम चरण में 17,352 फीट ऊंची फ्रेंडशिप पीक की चढ़ाई करेगी।
तीन महीने तक चला कठिन प्रशिक्षण
प्रो. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि अभियान में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों ने पिछले तीन महीनों में कठोर शारीरिक और तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
इस दौरान प्रतिभागियों की शारीरिक सहनशक्ति, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कार्य करने की क्षमता, रस्सी संचालन, आपातकालीन बचाव तकनीक और पर्वतारोहण कौशल को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया।
30 जून तक वाराणसी लौटने की उम्मीद
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार अभियान पूरा करने के बाद टीम के 30 जून 2026 तक वाराणसी लौटने की संभावना है। सफलतापूर्वक अभियान पूरा होने पर यह उपलब्धि BHU के माउंटेनियरिंग सेंटर के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।
अभियान दल में शामिल सदस्य
फ्रेंडशिप पीक अभियान में शामिल 14 सदस्यीय टीम में निम्नलिखित प्रतिभागी शामिल हैं:
- लीडर: संदीप कुमार यादव एवं कुसुम कुमारी
- क्वार्टर मास्टर: निशांत सिंह एवं निधि प्रजापति
- मेडिकल ऑफिसर: अनु कुमारी
- इन्फॉर्मेशन ऑफिसर: राजा कुमार
- इक्विपमेंट ऑफिसर: शुभम कुमार उपाध्याय
- लगेज ऑफिसर: सुमन उरांव एवं नितीश कुमार गुप्ता
- ट्रांसपोर्ट ऑफिसर: आदित्य यादव एवं शोभा पासवान
- रिक्रिएशन ऑफिसर: चारु राठौर
BHU में पर्वतारोहण गतिविधियों को मिल रहा बढ़ावा
BHU का यूनिवर्सिटी माउंटेनियरिंग सेंटर लंबे समय से छात्रों को साहसिक खेलों और पर्वतारोहण गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित करता रहा है। ऐसे अभियान छात्रों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, अनुशासन और टीम भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
फ्रेंडशिप पीक अभियान न केवल प्रतिभागियों के लिए एक रोमांचक अनुभव होगा, बल्कि यह BHU के साहसिक खेलों के क्षेत्र में बढ़ते योगदान को भी दर्शाता है।
निष्कर्ष
Banaras Hindu University की 14 सदस्यीय पर्वतारोहण टीम का फ्रेंडशिप पीक अभियान विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है। तीन महीने की कड़ी तैयारी के बाद यह टीम हिमाचल प्रदेश की 17,352 फीट ऊंची चोटी को फतह करने के लक्ष्य के साथ रवाना हुई है। विश्वविद्यालय परिवार और छात्रों को उम्मीद है कि टीम सुरक्षित रूप से अपना मिशन पूरा कर नई उपलब्धि हासिल करेगी।

