बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (IMS) में अस्पताल प्रबंधन के क्षेत्र में नया पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी है। संस्थान की ओर से दो वर्षीय हॉस्पिटल मैनेजमेंट कोर्स की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इसके लिए नीति आयोग के साथ नई दिल्ली में हुई बैठक में भी प्रस्ताव प्रस्तुत किया जा चुका है और आयोग से सहमति मिलने की जानकारी सामने आई है।
यदि प्रस्तावित योजना के अनुसार सभी प्रक्रियाएं पूरी होती हैं, तो 2027 से इस पाठ्यक्रम में पढ़ाई शुरू हो सकती है। पाठ्यक्रम को अस्पताल प्रशासन और प्रबंधन के आधुनिक एवं व्यावहारिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है।
प्रस्तावित हॉस्पिटल मैनेजमेंट कोर्स दो साल की अवधि का होगा और इसे चार सेमेस्टर में विभाजित किया जाएगा। पाठ्यक्रम में चिकित्सा विज्ञान संस्थान के चिकित्सकों के साथ-साथ बीएचयू के प्रबंधन संस्थान के शिक्षक भी विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे।
इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सा और प्रबंधन दोनों क्षेत्रों की विशेषज्ञता को एक साथ जोड़ना है। विद्यार्थियों को अस्पतालों के प्रशासनिक ढांचे, प्रबंधन प्रक्रियाओं और मरीजों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जाएगी।
व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी रहेगा जोर
प्रस्तावित पाठ्यक्रम में केवल कक्षा आधारित पढ़ाई तक सीमित रहने के बजाय विद्यार्थियों को अस्पताल प्रबंधन की वास्तविक परिस्थितियों से परिचित कराने पर भी जोर दिया जाएगा।
विद्यार्थियों को अस्पताल में कामकाज, मरीजों से जुड़े विभिन्न पहलुओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अनुभव कराया जा सकता है। इसके माध्यम से अस्पताल प्रबंधन के सिद्धांतों को वास्तविक परिस्थितियों में समझने का अवसर मिलेगा।
चिकित्सा और प्रबंधन का होगा समन्वय
पाठ्यक्रम की रूपरेखा में चिकित्सा एवं प्रबंधन दोनों क्षेत्रों के विशेषज्ञों की भूमिका प्रस्तावित है। पाठ्यक्रम में चिकित्सा संबंधी समझ के साथ प्रशासनिक दक्षता, अस्पताल संचालन और मानवीय संवेदनशीलता जैसे पहलुओं को शामिल किया जाएगा।
संस्थान से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, अस्पतालों के बढ़ते विस्तार और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के जटिल होने के साथ प्रशिक्षित अस्पताल प्रबंधन पेशेवरों की आवश्यकता भी बढ़ रही है। ऐसे में यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को अस्पताल प्रशासन से संबंधित क्षेत्र में आवश्यक कौशल विकसित करने में मदद कर सकता है।
आईएमएस के निदेशक ने दी जानकारी
आईएमएस के निदेशक प्रो. एसएन संखवार के अनुसार, बीएचयू में तैयार किया गया अस्पताल प्रबंधन का पाठ्यक्रम देश के अन्य संस्थानों में संचालित ऐसे पाठ्यक्रमों से अलग होगा। इसमें अस्पताल प्रबंधन को केवल व्यावसायिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि महामना पंडित मदन मोहन मालवीय के मानवीय मूल्यों और सेवा भावना के अनुरूप समझने पर भी जोर दिया जाएगा।
पाठ्यक्रम में मानव सेवा, समर्पण और निष्ठा को अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
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अगले विद्या परिषद की बैठक में रखा जाएगा प्रस्ताव
अस्पताल प्रबंधन पाठ्यक्रम की रूपरेखा को बीएचयू की आगामी विद्या परिषद की बैठक में प्रस्तुत करने की तैयारी है। प्रस्ताव को निर्धारित प्रक्रिया के तहत मंजूरी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
योजना के अनुसार सभी औपचारिकताएं पूरी होने पर 2027 से हॉस्पिटल मैनेजमेंट कोर्स की पढ़ाई शुरू हो सकती है।