वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) ने अपने कार्यरत एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा की शुरुआत की है। अब विश्वविद्यालय के कर्मचारी और पेंशनर देश में कहीं भी मुफ्त चिकित्सा सेवा प्राप्त कर सकेंगे। विश्वविद्यालय ने उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) लागू कर दी है।
इसके साथ ही बीएचयू ट्रॉमा सेंटर परिसर में सभी के लिए निश्शुल्क वाई-फाई सेवा का शुभारंभ किया गया। वहीं छात्रों के लिए आगामी सत्र से एमएससी इन लाइफ साइंसेज नामक नया अंतरविषयक पाठ्यक्रम भी शुरू करने की घोषणा की गई।
सीजीएचएस लागू होने से मिलेगा बड़ा लाभ
अब तक विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को निजी अस्पतालों में उपचार कराने पर अस्पताल द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार भुगतान करना पड़ता था। विश्वविद्यालय केवल सीजीएचएस दरों के अनुसार ही प्रतिपूर्ति करता था, जिससे शेष राशि कर्मचारियों को स्वयं वहन करनी पड़ती थी।
नई व्यवस्था के तहत विश्वविद्यालय राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, अन्य राज्यों की राजधानियों तथा वाराणसी के निजी अस्पतालों के साथ एमओयू (MoU) करेगा। इन अस्पतालों में बीएचयू के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को सीजीएचएस दरों पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
विश्वविद्यालय के अनुसार—
- एमओयू की तिथि से यह व्यवस्था तीन वर्ष तक प्रभावी रहेगी।
- निजी अस्पतालों से आवेदन पहले ही आमंत्रित किए जा चुके हैं।
- 40 प्रमुख निजी अस्पतालों को भी चिन्हित किया गया है।

70 वर्ष से कम और अधिक आयु वालों के लिए अलग व्यवस्था
कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी के अनुसार—
- 70 वर्ष से कम आयु के वाराणसी में रहने वाले लाभार्थियों को उपचार के लिए बीएचयू से रेफरल आवश्यक होगा।
- 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनर बिना रेफरल के सीधे उपचार प्राप्त कर सकेंगे।
ट्रॉमा सेंटर परिसर में शुरू हुई मुफ्त वाई-फाई सेवा
बीएचयू एवं ट्रॉमा सेंटर परिसर में नगर निगम की ओर से हॉटस्पॉट के माध्यम से फ्री वाई-फाई सेवा शुरू की गई है।
इस सुविधा की प्रमुख विशेषताएं:
- सेवा चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगी।
- उपयोगकर्ता QR Code स्कैन करके वाई-फाई से जुड़ सकेंगे।
- प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन दो घंटे तक निश्शुल्क इंटरनेट का उपयोग कर सकेगा।
- इंटरनेट की गति 320 Mbps तक उपलब्ध होगी।
महापौर अशोक तिवारी ने कहा कि स्मार्ट सिटी की परिकल्पना को साकार करने के लिए शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर भी भविष्य में ऐसी डिजिटल सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि ट्रॉमा सेंटर में मुफ्त वाई-फाई सुविधा से मरीजों एवं उनके परिजनों को बेहतर संचार, सूचना तथा ऑनलाइन सेवाओं तक सरल पहुंच प्राप्त होगी।
कार्यक्रम में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, सर सुंदरलाल चिकित्सालय की उपकुलसचिव डॉ. रश्मि रंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत सर सुंदरलाल चिकित्सालय के एमएस प्रो. के.के. गुप्ता ने तथा धन्यवाद ज्ञापन ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी आचार्य प्रो. सौरभ सिंह ने किया।
इसी सत्र से शुरू होगा एमएससी इन लाइफ साइंसेज
बीएचयू के विज्ञान संस्थान में आगामी सत्र से एमएससी इन लाइफ साइंसेज नामक नया बहुविषयक एवं शोध-उन्मुख कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
इस पाठ्यक्रम में निम्न विषयों का समन्वित अध्ययन कराया जाएगा—
- वनस्पति विज्ञान
- प्राणी विज्ञान
- जैवरसायन
- जैव प्रौद्योगिकी
- सूक्ष्मजीव विज्ञान
- कम्प्यूटेशनल जीवविज्ञान
विश्वविद्यालय के अनुसार इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को जीवन विज्ञान की जटिलताओं की समग्र समझ प्रदान करना तथा स्वास्थ्य, कृषि, पर्यावरण एवं जैव प्रौद्योगिकी से जुड़ी समकालीन चुनौतियों के समाधान के लिए सक्षम बनाना है।
दो वर्षीय (चार सेमेस्टर) इस कार्यक्रम में प्रयोगशाला प्रशिक्षण, अनुसंधान पद्धति, जैव-सूचनाविज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के जैविक अनुप्रयोग, फील्ड अध्ययन तथा शोध-आधारित प्रबंध को विशेष महत्व दिया गया है।
निष्कर्ष
बीएचयू ने एक ही दिन में कर्मचारियों, पेंशनरों, छात्रों, मरीजों और आमजन के लिए कई महत्वपूर्ण सुविधाओं की शुरुआत की है। सीजीएचएस लागू होने से कर्मचारियों को देशभर में बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी, वहीं ट्रॉमा सेंटर में मुफ्त वाई-फाई सेवा मरीजों और उनके परिजनों के लिए उपयोगी साबित होगी। इसके अलावा एमएससी इन लाइफ साइंसेज जैसे नए पाठ्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अधिक जानकारी के लिए BHU WALE को इंस्टाग्राम पर फॉलो करें

