काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में छात्रसंघ बहाली और छात्रसंघ चुनाव की तिथि घोषित करने की मांग को लेकर छात्रों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। मंगलवार को छात्रसंघ भवन परिसर स्थित डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर (DSW) कार्यालय के बाहर छात्र जुटे और नारेबाजी करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द चुनाव कराने की मांग उठाई। छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
छात्रों ने छात्रावासों में बुनियादी सुविधाओं की कमी, भोजन की गुणवत्ता, पेयजल की समस्या और छात्राओं पर लगाए गए प्रतिबंधों जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा तथा भूख हड़ताल और आमरण अनशन जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
धरने पर बैठे छात्र शिवांश सिंह और सामाजिक विज्ञान संकाय के छात्र सत्यम सिंह ने कहा कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय में वर्ष 1997 से छात्रसंघ बंद है। उनका कहना है कि छात्रसंघ नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने प्रभावी ढंग से रखने के लिए निर्वाचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा है।
छात्रों के अनुसार, छात्रसंघ विद्यार्थियों की समस्याओं को सामूहिक रूप से उठाने और प्रशासन के साथ संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में छात्रसंघ की बहाली से विद्यार्थियों को अपनी मांगों और समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से रखने का अवसर मिलेगा।
27 अक्टूबर तक जवाब देने की मांग, नहीं मिला सकारात्मक आश्वासन
आंदोलन कर रहे छात्रों ने बताया कि छात्रसंघ बहाली को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को पहले ही ज्ञापन सौंपा गया था। ज्ञापन के माध्यम से 27 अक्टूबर तक सकारात्मक जवाब देने या छात्रसंघ चुनाव की तिथि घोषित करने की मांग की गई थी।
छात्रों का कहना है कि निर्धारित समय सीमा तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिलने के बाद उन्होंने अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का निर्णय लिया। अब उनकी प्रमुख मांग है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रसंघ बहाली पर अपना रुख स्पष्ट करे और चुनाव कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाए।
छात्रावासों की सुविधाओं और भोजन की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
छात्रसंघ बहाली की मांग के साथ छात्रों ने विश्वविद्यालय के छात्रावासों में उपलब्ध सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को भी उठाया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं में सुधार की जरूरत बताई।
छात्रों का मानना है कि छात्रसंघ के निर्वाचित प्रतिनिधि होने से छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाना आसान होगा। इससे विद्यार्थियों की शिकायतों पर सुनवाई और उनके समाधान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
छात्राओं पर पाबंदियों का मुद्दा भी उठा
धरने के दौरान छात्राओं के छात्रावास से रात 10 बजे के बाद बाहर निकलने पर लागू पाबंदियों का मुद्दा भी उठाया गया। छात्रों ने इन प्रतिबंधों को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि विद्यार्थियों से जुड़े ऐसे मामलों पर संवाद और उचित समाधान की जरूरत है।
आंदोलनकारी छात्रों के अनुसार, छात्रसंघ विद्यार्थियों की विभिन्न समस्याओं को सामने लाने और प्रशासन के साथ चर्चा करने के लिए एक प्रतिनिधि मंच उपलब्ध करा सकता है।
शांतिपूर्ण चुनाव कराने की मांग
छात्रों ने कहा कि चुनाव के दौरान विवाद या अराजकता की आशंका को छात्रसंघ बंद रखने का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि यदि कुछ अराजक तत्वों से समस्या उत्पन्न होती है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई करके शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से चुनाव कराए जा सकते हैं।
छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि छात्रसंघ बहाली के विषय पर स्पष्ट निर्णय लिया जाए और चुनाव की तिथि घोषित की जाए।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो भूख हड़ताल की चेतावनी
आंदोलनकारी छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो वे भूख हड़ताल और आमरण अनशन जैसे कदम उठा सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने छात्रावासों में रहने वाले अन्य विद्यार्थियों से संपर्क कर उन्हें आंदोलन से जोड़ने की बात कही।
फिलहाल, छात्रों की प्रमुख मांग छात्रसंघ की बहाली और चुनाव की तिथि की घोषणा है। अब इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
BHU छात्रसंघ चुनाव: छात्रों की प्रमुख मांगें
छात्रसंघ की बहाली की जाए।
छात्रसंघ चुनाव की तिथि घोषित की जाए।
छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता और पेयजल सहित बुनियादी सुविधाओं में सुधार किया जाए।
छात्राओं पर लागू प्रतिबंधों से जुड़े मुद्दों पर उचित समाधान निकाला जाए।
विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए।
मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी दी गई है।
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निष्कर्ष
काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना विद्यार्थियों के प्रतिनिधित्व, छात्रावास सुविधाओं और छात्राओं से जुड़े प्रतिबंधों जैसे मुद्दों पर केंद्रित है। छात्रों ने चुनाव की तिथि घोषित करने की मांग करते हुए आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस मांग पर क्या निर्णय लेता है।