IIT BHU में शुरू होगा Physical AI का नया BTech कोर्स, 2027-28 से पढ़ाई शुरू करने की तैयारी

IIT BHU में शुरू होगा Physical AI का नया BTech कोर्स, 2027-28 से पढ़ाई शुरू करने की तैयारी

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT BHU), वाराणसी ने एक नई पहल की है। संस्थान में स्कूल ऑफ फिजिकल एआई (School of Physical AI) स्थापित करने को मंजूरी मिल गई है। इसके तहत शैक्षणिक सत्र 2027-28 से चार वर्षीय बीटेक कोर्स शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

प्रस्तावित पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ रोबोटिक्स, मशीनों के नियंत्रण, सेंसर आधारित तकनीक और वास्तविक दुनिया में AI के इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसी तकनीक विकसित करने के लिए तैयार करना है, जिसके माध्यम से मशीनें अपने आसपास के वातावरण को समझकर परिस्थितियों के अनुसार काम कर सकें।

फिलहाल प्रस्तावित कोर्स की विस्तृत प्रवेश प्रक्रिया, सीटों की संख्या और फीस से संबंधित आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।

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क्या है Physical AI? कैसे काम करती है यह तकनीक?

Physical AI यानी फिजिकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, AI की ऐसी तकनीक है, जिसमें कंप्यूटर आधारित बुद्धिमत्ता को रोबोट, कैमरा, सेंसर और अन्य भौतिक मशीनों के साथ जोड़ा जाता है। इससे मशीनें अपने आसपास के वातावरण से जानकारी प्राप्त कर सकती हैं, उसका विश्लेषण कर सकती हैं और उसके आधार पर वास्तविक दुनिया में कार्रवाई कर सकती हैं।

उदाहरण के लिए, किसी फैक्ट्री में काम करने वाला रोबोट सामान की पहचान करके उसे निर्धारित स्थान पर रख सकता है। यदि उसके रास्ते में कोई बाधा आ जाए, तो सेंसर से मिली जानकारी के आधार पर वह अपनी गतिविधि या दिशा में बदलाव कर सकता है।

इसी तरह, स्वचालित वाहन आसपास की वस्तुओं और रास्ते की स्थिति को समझने के लिए कैमरों, सेंसर और AI मॉडल का इस्तेमाल कर सकते हैं।

सामान्य AI और Physical AI में क्या अंतर है?

सामान्य AI का इस्तेमाल मुख्य रूप से सवालों के जवाब देने, सामग्री तैयार करने, डेटा का विश्लेषण करने और जानकारी उपलब्ध कराने जैसे कार्यों में किया जाता है। इसके विपरीत, Physical AI का उद्देश्य AI को ऐसी मशीनों के साथ जोड़ना है, जो वास्तविक दुनिया में भौतिक कार्य कर सकें।

इस तकनीक में AI के साथ रोबोटिक्स, सेंसर, मशीन कंट्रोल और कंप्यूटर विजन जैसी तकनीकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

IIT BHU में चार वर्षीय BTech कोर्स की तैयारी

IIT BHU के प्रस्तावित स्कूल ऑफ फिजिकल एआई के अंतर्गत चार वर्षीय बीटेक पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए विशेषज्ञ समितियां पाठ्यक्रम का सिलेबस तैयार कर रही हैं।

इस कोर्स में विद्यार्थियों को केवल प्रोग्रामिंग और AI मॉडल तक सीमित रखने के बजाय मशीनों के डिजाइन, निर्माण, नियंत्रण और परीक्षण से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी देने पर जोर दिया जाएगा।

प्रस्तावित पाठ्यक्रम में निम्नलिखित क्षेत्रों पर ध्यान दिए जाने की संभावना है:

  • रोबोटिक्स: ऐसे रोबोट तैयार करना, जो अलग-अलग परिस्थितियों में काम कर सकें।
  • स्वायत्त प्रणालियां: ऐसी मशीनें विकसित करना, जो निर्धारित परिस्थितियों में स्वयं निर्णय लेकर कार्य कर सकें।
  • मशीन कंट्रोल: मशीनों की गति, दिशा और गतिविधियों को नियंत्रित करने की तकनीक।
  • सेंसर टेक्नोलॉजी: कैमरों और अन्य सेंसर के माध्यम से आसपास के वातावरण की जानकारी प्राप्त करना।
  • AI और कंप्यूटर विजन: वस्तुओं, आकृतियों और परिस्थितियों को पहचानने वाली प्रणालियां विकसित करना।
  • प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट: वास्तविक समस्याओं के तकनीकी समाधान विकसित करना और उनका परीक्षण करना।

हालांकि, इन विषयों की अंतिम सूची और प्रत्येक सेमेस्टर का सिलेबस आधिकारिक रूप से जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

उद्योग से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक Physical AI का इस्तेमाल

फिजिकल एआई को भविष्य की महत्वपूर्ण तकनीकों में गिना जा रहा है। इसका इस्तेमाल औद्योगिक उत्पादन से लेकर कृषि, स्वास्थ्य सेवाओं और अंतरिक्ष अनुसंधान तक विभिन्न क्षेत्रों में किया जा सकता है।

1. औद्योगिक उत्पादन और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग

फैक्ट्रियों में रोबोटिक सिस्टम का इस्तेमाल सामान उठाने, पैकिंग करने, गुणवत्ता जांचने और असेंबली जैसे कामों में किया जा सकता है। Physical AI से ऐसी प्रणालियों को बदलती परिस्थितियों के अनुसार काम करने में मदद मिल सकती है।

2. कृषि क्षेत्र

कृषि में स्वचालित मशीनें फसलों की निगरानी, खरपतवार की पहचान और कुछ कृषि कार्यों को अधिक सटीकता से करने में उपयोगी हो सकती हैं। इससे खेती में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने के नए अवसर बन सकते हैं।

3. स्वास्थ्य सेवाएं

अस्पतालों में रोबोटिक सिस्टम का इस्तेमाल सर्जरी में सहायता, मरीजों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने और पुनर्वास संबंधी कार्यों में किया जा सकता है। इन प्रणालियों का उपयोग निर्धारित सुरक्षा और चिकित्सा मानकों के अनुरूप किया जाता है।

4. स्वचालित वाहन

कैमरों, सेंसर और AI की मदद से वाहन अपने आसपास की वस्तुओं को पहचानने, रास्ते का आकलन करने और संभावित बाधाओं पर प्रतिक्रिया देने में सक्षम हो सकते हैं।

5. अंतरिक्ष अनुसंधान

अंतरिक्ष मिशनों में रोबोटिक सिस्टम का इस्तेमाल ऐसे वातावरण में किया जा सकता है, जहां मनुष्यों के लिए सीधे काम करना कठिन या जोखिमपूर्ण हो। स्वायत्त प्रणालियां इन मिशनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

Physical AI की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए करियर के अवसर

IIT BHU में प्रस्तावित Physical AI कोर्स उन विद्यार्थियों के लिए आकर्षक विकल्प हो सकता है, जो कंप्यूटर साइंस के साथ हार्डवेयर, रोबोटिक्स और मशीनों की तकनीक में रुचि रखते हैं।

इस क्षेत्र में पढ़ाई और व्यावहारिक कौशल विकसित करने वाले विद्यार्थियों के लिए आगे चलकर कई तरह के करियर विकल्प हो सकते हैं।

  • रोबोटिक्स इंजीनियर
  • AI और मशीन लर्निंग इंजीनियर
  • ऑटोमेशन इंजीनियर
  • एम्बेडेड सिस्टम इंजीनियर
  • कंप्यूटर विजन इंजीनियर
  • स्वायत्त प्रणालियों के डेवलपर
  • रिसर्च इंजीनियर
  • स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन विशेषज्ञ

हालांकि, इन क्षेत्रों में नौकरी मिलने की संभावना उम्मीदवार की विशेषज्ञता, प्रोजेक्ट अनुभव, तकनीकी कौशल और रोजगार बाजार की मांग पर निर्भर करेगी। केवल कोर्स में प्रवेश लेने से किसी विशेष नौकरी या वेतन की गारंटी नहीं होती।

IIT BHU में स्थापित होने वाला पांचवां स्कूल होगा Physical AI

प्रस्तावित स्कूल ऑफ फिजिकल एआई को IIT BHU में शिक्षा और शोध के नए विस्तार के रूप में देखा जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संस्थान में इससे पहले बायोमेडिकल इंजीनियरिंग, बायोकेमिकल इंजीनियरिंग, डिसीजन साइंस और मैटेरियल साइंस से संबंधित स्कूल स्थापित किए जा चुके हैं।

नए स्कूल के माध्यम से AI, रोबोटिक्स और वास्तविक दुनिया में इस्तेमाल होने वाली बुद्धिमान मशीनों से संबंधित शिक्षा तथा अनुसंधान को बढ़ावा देने की योजना है।

यदि प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2027-28 में बीटेक कोर्स शुरू होता है, तो विद्यार्थियों को इस उभरते तकनीकी क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने का अवसर मिल सकता है।

IIT BHU Physical AI BTech Admission 2027: दाखिले से जुड़ी जानकारी

इस प्रस्तावित पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के इच्छुक विद्यार्थियों को आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखनी चाहिए। अभी निम्नलिखित जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत विवरण का इंतजार है:

  • बीटेक कोर्स की कुल सीटें
  • शैक्षणिक योग्यता और पात्रता की शर्तें
  • प्रवेश परीक्षा और चयन प्रक्रिया
  • आवेदन की शुरुआत और अंतिम तिथि
  • कोर्स की फीस और अन्य शुल्क
  • पाठ्यक्रम का विस्तृत सिलेबस

उम्मीदवार IIT BHU की आधिकारिक वेबसाइट iitbhu.ac.in पर उपलब्ध सूचनाएं देख सकते हैं। दाखिले से संबंधित नियम जारी होने पर ही यह स्पष्ट होगा कि इस पाठ्यक्रम के लिए आवेदन कैसे किया जा सकेगा।

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निष्कर्ष

IIT BHU में स्कूल ऑफ फिजिकल एआई की स्थापना और शैक्षणिक सत्र 2027-28 से चार वर्षीय बीटेक कोर्स शुरू करने की तैयारी AI और रोबोटिक्स में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण पहल हो सकती है। इस क्षेत्र में कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के साथ मशीनों की डिजाइन, सेंसर, नियंत्रण प्रणाली और वास्तविक दुनिया में AI के इस्तेमाल को समझने का अवसर मिलेगा।

हालांकि, विद्यार्थियों को प्रवेश, फीस, सीटों की संख्या और पात्रता से जुड़ी आधिकारिक जानकारी जारी होने तक किसी भी अपुष्ट विवरण को अंतिम नहीं मानना चाहिए।

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